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Heart Attack: types, causes, symptoms, treatment in Hindi

Heart Attack: types, causes, symptoms, treatment in Hindi

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हार्ट अटैक क्या है? - Heart Attack in Hindi?

  • दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने की सबसे मुख्य वजह है दिल को शुद्ध रक्त पहुंचाने वाली धमनी में वसायुक्त पदार्थो का जमना, जिसे प्लैक्स (Plaques) कहते है।  
  • हमारे दिल को लगातार धड़कने के लिए ऑक्सीजन और बाकी पोषक तत्वों (Nutrition) की जरूरत होती है। लेकिन यदि हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनी (Coronary artery) में किसी तरह का ब्लॉकेज होने लगे तो  हमारे हृदय तक ऑक्सीजन युक्त रक्त (Oxygenated blood) नहीं पहुँच पाता है जिससे हृदय की मांशपेशियां मरने लगती हैं जिससे हृदय सही से नहीं धड़क पाता है। 
  • मेडिकल की भाषा में दिल के दौरे को मायोकार्डियल इन्फार्कशन (Myocardial Infarction) कहते है। जिसका मतलब "हृदय की मांशपेशियों का मरना" होता है। 

    दिल के दौरे के प्रकार - Types of Heart Attack in Hindi

    दिल के दौरे के तीन प्रकार होते है :
    1. एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्कशन - ST segment elevation myocardial infarction (STEMI)
    2. नॉन-एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्कशन - Non-ST segment elevation myocardial infarction (NSTEMI)
    3. कोरोनरी आर्टरी में ऐंठन / अस्थिर एनजाइना - Coronary Artery Spasm / Unstable Angina
    "ST segment" इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (ECG) पर दिखाई देने वाले पैटर्न होता है, जो आपके दिल की धड़कन को प्रदर्शित करता है। 
    1. एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्कशन - ST segment elevation myocardial infarction (STEMI) - यह तब होता है जब कोरोनरी आर्टरी पूरी तरह से ब्लॉक हो जाती है जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त नहीं पहुँच पाता है।
      हार्ट अटैक

    2. नॉन-एसटी सेगमेंट एलिवेशन मायोकार्डियल इन्फार्कशन - Non-ST segment elevation myocardial infarction (NSTEMI) - इसमें कोरोनरी आर्टरी आंशिक रूप से ब्लॉक होती है। 
      हार्ट अटैक
    3. कोरोनरी आर्टरी में ऐंठन / अस्थिर एनजाइना - Coronary Artery Spasm / Unstable Angina - कोरोनरी आर्टरी में ऐंठन आने से वह ब्लॉक हो जाती है जिससे हृदय की मांसपेशियों तक रक्त नहीं पहुँच पाता है। इससे भी दिल का दौरा पड़ सकता है, इस समस्या का कारण ड्रग्स और तम्बाकू का सेेवन, तनाव आदी हो सकते है। 

    दिल के दौरे के कारण - Causes & Risk factors of Heart Attack in Hindi

    दिल का दौरा पड़ने के कारण निम्न है :

    कारण - Causes

    1. कोरोनरी आर्टरी में प्लैक्स का जमना (Plaques formation in coronary artery) - अधिकांश दिल के दौरो का कारण हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनी (Coronary artery) में प्लैक्स (Plaques) का जमना है जिसे "अथेरोस्केलेरोसिस (Atherosclerosis)" कहते है। जब यह प्लैक फट जाता है तो वहां धीरे-धीरे रक्त का थक्का (Blood clot) बनने लगता है। बाद में वह थक्का (Clot) जब बड़ा होता है तो रक्त प्रवाह में बाधा डालने लगता है जिससे हृदय तक रक्त नही पहुंच पाता है और हृदय की मांशपेशिया (Muscles) मरने लगती है।
    2. कोरोनरी आर्टरी में ऐंठन आना (Coronary artery spasm) - कोरोनरी आर्टरी में ऐंठन आने से भी दिल का दौरा पड़ सकता है इस समस्या का कारण ड्रग्स और तम्बाकू का सेेवन, तनाव आदी हो सकते है। 

    जोखिम कारक - Risk Factors 

    1. उच्च रक्त चाप (High Blood Pressure) - उच्च रक्त चाप की वजह से धमनियों (Arteries) को नुकसान होता है और प्लैक्स (Plaques) बनने की आशंकाए भी बढ़ जाती है।
    2. उच्च कोलेस्ट्रॉल लेवल (High Cholesterol Level) -  इससे भी प्लैक्स (Plaques) बनने की आशंकाए भी बढ़ जाती है। 
    3. उच्च ट्राईग्लिसराइड्स लेवल (High Triglycerides Level) - ट्राईग्लिसराइड आमतौर पर वसीय उत्तको (Fatty Tissues) में जमा होते है लेकिन भोजन के जरिये इसकी ज्यादा मात्रा लेने से यह धमनियों में जमने लग जाते है जिससे प्लैक्स बनने लगता है।
    4. डायबिटीज (Diabetes) - डायबिटीज के कारण शरीर में शुगर की मात्रा बढ़ जाती है। रक्त में ज्यादा शुगर की मात्रा होने से यह रक्त वाहिनियों (Blood Vessels) को नुक्सान पंहुचा सकती है। 
    5. मोटापा (Obesity) - मोटापा ऊपर दी गयी चारो समस्याओं को पैदा कर सकता है जो आगे चलकर दिल की बीमारी का कारण भी बन सकते है। 
    6. धूम्रपान (Smoking) - धूम्रपान रक्त को गाढ़ा (Thicken) बनाते है जिससे रक्त का थक्का (Blood Clot) बनने की संभावनाएं बढ़ जाती है। 
    7. उम्र (Age) - पुरुषो में 45 साल और महिलाओ में 55 साल की उम्र के बाद हार्ट अटैक की संभावनाएं बढ़ जाती है। 
    8. पारिवारिक इतिहास (Family History) - परिवार में अगर यह समस्या पहले से चली आ रही है तो अगली पीढ़ी में इस समस्या के होने की आशंका हो सकती है।        

    दिल के दौरे के लक्षण - Sign & Symptoms of Heart Attack in Hindi

    दिल का दौरा पड़ने के प्रारंभिक लक्षण निम्न है :
    • सीने में दबाव, जकड़न (Tightness) और दर्द महसूस होना। यह दर्द धीरे-धीरे दर्द गले, जबड़े (Jaw)और पीठ तक फैल सकता है।
    • अपच (Indigestion), मतली (Nausea), सीने में जलन (Heartburn) और पेट दर्द जैसी समस्या होना। {Nausea : उल्टी जैसे लक्षण महसूस होना या जी मचलना}
    • सांस लेने में कठिनाई होना (Shortness of breath)
    • थकान (Fatigue)
    • चक्कर आना (Dizziness)
    • कोल्ड स्वेट : घबराहट के कारण पसीना आना

    हार्ट अटैक का रोगजनन - Pathophysiology of Heart Attack in Hindi

    कोरोनरी आर्टरी की दीवारों पर वसायुक्त पदार्थ (कोलेस्ट्रॉल) का जमाव  
     अथेरोस्केलेरोसिस (Atherosclerosis) : प्लैक्स (Plaques) का निर्माण
     
    प्लैक्स (Plaques) का फटना जिससे कोरोनरी आर्टरी अंदर से डैमेज हो जाती है 
    जहाँ कोरोनरी आर्टरी डैमेज हुई है वहा क्लोटिंग होना जिसे Thrombus निर्माण कहते है 
    Thrombus के बनने की वजह से कोरोनरी आर्टरी का ब्लॉक होना 
    हृदय की मसल्स तक रक्त प्रवाह रुक जाना 
    धीरे-धीरे हृदय की मसल्स मरना 
    दिल का दौरा पड़ना (Mayocardial Infarction)


    हार्ट अटैक से बचाव - Heart Attack Prevention in Hindi

    दिल के दौरे से बचाव के लिए आपको अपनी जीवनशैली (Lifestyle) को बदलना होगा और कुछ अच्छी आदतों को अपनाना होगा।   
    • कम कोलेस्ट्रॉल युक्त भोजन करे 
    • रोज व्यायाम करना 
    • धूम्रपान न करना 
    • स्वस्थ शरीर भार बनाये रखना 
    • तनाव मुक्त रहना 
    • यदि रोगी को पहले से मधुमेह और ब्लड प्रेशर है तो उसे नियंत्रित रखना


    हार्ट अटैक का निदान/परिक्षण - Diagnosis of Heart Attack in Hindi

    हार्ट अटैक का पता इस तरीको से किया जा सकता है:
    • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram ; ECG) यह परीक्षण दिल की इलेक्ट्रिक एक्टिविटी और रिधम को मापता है। दिल में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर इलेक्ट्रिक एक्टिविटी सामान्य नहीं आती है। जिससे दिल के दौरे के पड़ने की आशंका का अनुमान लगाया जा सकता है। 
    • रक्त जाँच (Blood Test) - दिल की कोशिकाओं (Cells) में ऐसे एंजाइम होते है जो दिल का दौरा पड़ने पर आपके रक्त में मिल जाते है। ये एंजाइम हृदय की मांशपेशियों के नुकसान की तरफ इशारा करते है। 
    • कार्डियक केथेटराईज़ेशन (Cardiac Catheterization) - इसमें एक पतली सी ट्यूब को फेमोरल आर्टरी (Femoral artery) से होकर हृदय की कोरोनरी आर्टरी तक भेजा जाता है। बाद में डॉक्टर एक स्पेशल डाई को कोरोनरी आर्टरी में इंजेक्ट करते है और इसका एक एक्स-रे लिया जाता है। एक्स-रे में यह डाई चमकती है जिससे कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज का पता चल जाता है। 

    दिल के दौरे का उपचार - Heart Attack Treatment or Management in Hindi 

    दवा द्वारा उपचार - Pharmacological Management

    • एस्पिरिन (Aspirin) : रक्त के थक्के को रोकने के लिए जो दिल के दौरे को बदतर बना सकता है  
    • हिपेरिन (Heparin) : एंटीकोग्युलेन्टस जो खून को पतला करती है 
    • नाइट्रोग्लिसरिन (Nitroglycerin) : रक्त वाहिनियों को चौड़ा करती है ताकि रक्त प्रवाह आसानी से हो सके 
    • ACE Inhibitors & Beta-Blockers: ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने की दवाइयां 
    • कुछ दर्द निवारक (Pain-killer) दवाइयां 

      सर्जरी द्वारा उपचार - Surgical Management 

      • एंजियोप्लास्टी / स्टेंटिंग (Angioplasty / stenting) - इसमें एक पतली सी ट्यूब को हमारे रक्त वाहिका में डाला जाता है इस ट्यूब के अंदर एक छोटा सा गुब्बारा लगा होता है। इस ट्यूब को रक्त वाहिका के रस्ते से दिल की उस धमनी (Artery) तक पहुंचाया जाता है जहां प्लैक्स जमने से धमनी संकुचित हो गयी थी। बाद में गुब्बारे को फुलाया जाता है जिससे संकुचित हुई धमनी (Artery) चौड़ी हो जाती है। बाद में उस जगह पर एक स्टेंट (एक प्रकार की जाली) डाल दी जाती है, ताकि धमनी फिर से संकुचित न हो। 
      • कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (Coronary Artery Bypass Grafting ; CABG) - इसमें डॉक्टर आपके शरीर के अंदर से दूसरी धमनी (Artery) या शिरा (Vein) को उस स्थान पर लगा देता है जहा ब्लॉकेज हुआ था। 
      • आर्टिफिशियल हार्ट वाल्व सर्जरी (Artificial heart valve surgery) - जिस वाल्व के खून का रिसाव हो रहा है उसे स्वस्थ वाल्व से बदलना। 
      • हृदय प्रत्यारोपण (Heart Transplant) - यह गंभीर परिस्थितियों में किया जाता है जब कोई दूसरा विकल्प शेष नहीं रहता। 




           

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