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Angina: types, causes, symptoms, treatment in Hindi

Angina: types, causes, symptoms, treatment in Hindi

Angina Pectoris in Hindi


एनजाइना क्या है? - Angina in Hindi

हमारे हृदय की मांसपेशियों (Muscles) में रक्त का प्रवाह कम (Reduce blood flow) होने से सीने में तेज दर्द होने लगता है जिसे मेडिकल भाषा में एनजाइना (Angina) कहा जाता है। इसे एनजाइना पेक्टोरिस (Angina pectoris) भी कहते है।
  • यह हृदय को रक्त पहुंचाने वाली धमनी (Coronary Artery) में वसायुक्त पदार्थ के जमने से पैदा होती है। जिसे प्लैक्स (Plaques) कहते है।   
  • एनजाइना बीमारी में आमतौर पर सीने में दबाव, भारीपन, दर्द और जकड़न जैसे लक्षण महसूस होते है। 

    एनजाइना की परिभाषा - Angina Definition

    एनजाइना की परिभाषा (Angina Definition) निम्न है :
    सीने में होने वाला दर्द जो हृदय में रक्त का प्रवाह कम होने से पैदा होती है। 

    एनजाइना के प्रकार - Types of Angina in Hindi

    एनजाइना के कितने प्रकार है ?  
    1. स्थिर एनजाइना (Stable angina) -  यह सबसे सामान्य प्रकार एनजाइना रोग है। इसमें सीने में दर्द किसी प्रकार की शारीरिक गतिविधि (Physical activity) के कारण शुरू हो सकता है। यह आमतौर पर कुछ मिनट तक रहता है, और जब आप आराम करते है तो चला भी जाता है। 
    2. अस्थिर एनजाइना (Unstable angina) - यह बिना किसी शारीरिक गतिविधि के या आरामदायक स्तिथि में हो सकता है। इसमें दर्द लम्बे समय तक रहता है और थोड़े-थोड़े समय के बाद वापस आ सकता है। यह दिल के दौरे (Heart attack) का संकेत भी हो सकता है। 

    एनजाइना के कारण - Angina Causes & Risk Factors in Hindi

    एनजाइना किन-किन कारणों से हो सकता है? 

    एनजाइना एक हृदय की बीमारी है जो हृदय की मांशपेशियों (Muscles) को रक्त पहुंचाने वाली धमनीयों (Coronary artery) में वसायुक्त पदार्थ (fatty substance) जिसे आम भाषा में प्लैक्स (Plaques) कहते है, के जमने के कारण होती है। प्लैक्स जमने से धमनी संकुचित हो जाती है जिसे एथेरोस्कलेरोसिस (Atherosclerosis) कहते है। (ऊपर चित्र में देखे) 
    इससे हृदय की मांशपेशियों (Muscles) को धड़कने के लिए प्रयाप्त मात्रा में ऑक्सीजन युक्त ब्लड नहीं मिल पाता है यह समस्या सीने में दर्द का कारण बनती है।

    कुछ अन्य कारण भी है जिससे एनजाइना होने का कम खतरा होता है :

    • फेफड़ो की मुख्य धमनी में रूकावट (Pulmonary embolism
    • हृदय की दीवारों का मोटा हो जाने से  (Enlargement of heart ; Hypertrophic cardiomyopathy)
    • हृदय के एओर्टिक वाल्व के संकुचन से (Narrowing of aortic valve of heart ; Aortic stenosis)
    • हृदय के सबसे बाहरी झिल्ली में सूजन आने से (Pericarditis)
    यह भी पढ़े: एड्स क्या है?
        

    एनजाइना के लक्षण - Angina Symptoms in Hindi

    सीने में दर्द होना एनजाइना का लक्षण है लेकिन इसमें दूसरे भी लक्षण है जो लोगो में देखने को मिलते है :
    • सीने में दर्द (Aching)
    • सीने में जलन (Chest Burning)
    • सीने में भारीपन और दबाव महसूस होना (Feeling of heaviness or pressure)
    • थकान और सिर चकराना (Fatigue and Dizziness)
    • सांस लेने में कठिनाई महसूस होना (Shortness of breath)
    • आपको सीने के पीछे दर्द की संभावना महसूस होती है जो आपके कंधे, हाथ, गर्दन, गले, जबड़े या पीठ में फैल सकता है। 
    स्थिर एनजाइना (Stable angina) अक्सर आराम के साथ बेहतर हो जाता है लेकिन अस्थिर एनजाइना (Unstable angina) नहीं हो सकता है, और यह खराब हो सकता है।


    एनजाइना का निदान - Angina Diagnosis in Hindi

    • शारीरिक परिक्षण (History collection & Physical examination) -  एनजाइना के निदान के लिए इसमें डॉक्टर या नर्स आपसे आपकी पिछली मेडिकल जानकारी के बारे में पूछते है। इससे बीमारी के संभावित कारणों (Possible reasons) व अन्य स्तिथियों का पता लगाने में मदद मिलती है।
    एनजाइना की पुष्टि करने के लिए कुछ अन्य डायग्नोस्टिक टेस्ट (नैदानिक परिक्षण) भी किये जाते है :
    • इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम (Electrocardiogram ; ECG) - यह परीक्षण दिल की इलेक्ट्रिक एक्टिविटी और रिधम को मापा जाता है।
    • तनाव परिक्षण (Stress Test) - इस जाँच से पता लगाया जाता है कि व्यायाम करते समय आपका दिल कैसे काम कर रहा है। 
    • छाती का एक्स रे (Chest X-ray) - इससे सीने के अंदर की तस्वीरें ली जाती है। 
    • इकोकार्डियोग्राम (Echocardiogram) - इससे पता लगाया जाता है की हृदय की मांसपेशी (Heart muscles) और वाल्व (Valve) कैसे काम कर रहे हैं। 
    • कोरोनरी एंजियोग्राफी (Coronary Angiography) - इस परिक्षण में पहले दिल की रक्त वाहिकाओं (Blood vessels) में डाई इंजेक्ट की जाती हैं बाद में दिल का एक्स रे लिया जाता है। 
    • रक्त परिक्षण (Blood Test) - इससे हृदय में ट्रोपोनिन (Troponin) की जांच की जाती है ये केमिकल हृदय की मांशपेशियों के क्षतिग्रस्त होने से निकलता है। 
      

      एनजाइना का उपचार - Angina Treatment or Management in Hindi 

      दवा द्वारा उपचार - Pharmacological Management

      एनजाइना का  उपचार (Angina treatment) इस बात पर निर्भर करता है कि आपके दिल को कितना नुकसान हुआ है। कम दर्द वाले एनजाइना से पीड़ित लोगों के लिए दवा (Medicine) और जीवनशैली (Lifestyle) में बदलाव करके उनके रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने और लक्षणों को नियंत्रित करने में मदद कर सकते हैं।

      इसके लिए कुछ दवाएं दी जा सकती है जो :
      • रक्त वाहिनियों को चौड़ा करे ताकि हृदय तक प्रयाप्त रक्त जा सके : नाइट्रेट या कैल्शियम चैनल ब्लॉकर्स
      • रक्त का थक्का जमने से रोके (Antiplatelet) और रक्त को पतला (Blood thinners) करे : Ticagrelor 
      • हृदय की गति को कम करे ताकि हृदय का कार्यभार (Workload) कम हो सके  
      • रक्त के कोलेस्ट्रॉल को कम करे और प्लैक्स (Plaques) को एक जगह बनाये रखे : स्टैटिन  (Plaques को एक जगह बनाये रखना इस लिए जरूरी है क्योंकि घूमता हुआ Plaques और भी ज्यादा खतरनाक होता है और किसी नई जगह पर जाकर ब्लॉकेज कर सकता है)  
       लेकिन गंभीर परिस्थितियों एनजाइना के उपचार के लिए में सर्जरी भी करनी पद सकती है :

      सर्जरी द्वारा उपचार - Surgical Management 

      • एंजियोप्लास्टी / स्टेंटिंग (Angioplasty / stenting) - इसमें एक पतली सी ट्यूब को हमारे रक्त वाहिका में डाला जाता है इस ट्यूब के अंदर एक छोटा सा गुब्बारा लगा होता है। इस ट्यूब को रक्त वाहिका के रस्ते से दिल की उस धमनी (Artery) तक पहुंचाया जाता है जहां प्लैक्स जमने से धमनी संकुचित हो गयी थी। बाद में गुब्बारे को फुलाया जाता है जिससे संकुचित हुई धमनी (Artery) चौड़ी हो जाती है। बाद में उस जगह पर एक स्टेंट (एक प्रकार की जाली) डाल दी जाती है, ताकि धमनी फिर से संकुचित न हो।

          
      • कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (Coronary Artery Bypass Grafting ; CABG) - इसमें डॉक्टर आपके शरीर के अंदर से दूसरी धमनी (Artery) या शिरा (Vein) को उस स्थान पर लगा देता है जहा ब्लॉकेज हुआ था। इस तरह इन दो तरीको से एनजाइना पेक्टोरिस का इलाज किया जाता है। 
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