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Hernia: Introduction, Types, Risk Factors and More (in hindi)

Hernia: Introduction, Types, Risk Factors and More (in hindi)

हर्निया


What Is Hernia? (हर्निया क्या है?)

  • Hernia (हर्निया) एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर का कोई अंग उसके आसपास की muscles और soft tissue के कमजोर हिस्से को छेदकर बाहर उभरने लगता है। जैसा की ऊपर चित्र में दिखाया गया है की, आंत (intestine) का कोई भाग rectus abdominal muscle (पेट की muscle) के कमजोर हिस्से को छेदकर बाहर उभरने लगता है। 
  • ज्यादातर मामलों में hernia घातक (life threatning) नही होते है लेकिन कुछ परिस्थितियों में इसकी जटिलताओं (complications) से बचने के लिए सर्जरी करनी पड़ती है।
  • ऐसा संभव है कि hernia होने पर कोई स्पष्ट लक्षण (symptoms) न दिखाई दे और ये भी संभव है कि इससे रोगी को ज्यादा या कम दर्द हो।


# CLASSIFICATION OF HERNIA (हर्निया का वर्गीकरण) 


हर्निया का वर्गीकरण

1. Reducible type hernia (रेडूसिबल हर्निया): इसमें जिस अंग (जैसे आंत; Intestine) की वजह से हर्निया हुआ है, वह अंग फिर से अपनी जगह पर चला है। 
2. Incarcerated type hernia (इंकारकेरटेड हर्निया ): इसमें जिस अंग (जैसे आंत; Intestine) की वजह से हर्निया हुआ है, वह अंग उसी जगह पर फंस जाता है
3. Strangulated type hernia (स्ट्रेनगुलेटेड हर्निया): इसमें जिस अंग (जैसे Intestine) की वजह से हर्निया हुआ है, वह अंग उसी जगह पर फंस जाता है और कुछ समय बाद उस अंग की रक्त आपूर्ति (blood supply) बंद हो जाती है, जिससे वह अंग मरने लगता है। 


# TYPES OF HERNIA (हर्निया के प्रकार)

1. Inguinal hernia (इनगुइनल हर्निया): इनगुइनल हर्निया ग्रोइन भाग में पाया जाता है। 

इनगुइनल हर्निया
इसके दो प्रकार है :
  • Indirect inguinal hernia: इसमें आंत का छोटा सा लूप Inguinal canal के रस्ते (path) से होकर Scrotum (अंडकोष) में आ जाता है। सामान्यत होता यह है की बच्चे के जन्म के बाद से ही यह path बंद हो जाता है लेकिन किसी कारणवश जन्म के बाद भी ये path बंद नहीं हो पता है और आगे चलकर यही खुला हुआ path इनगुइनल हर्निया का कारण बनता है।
      
  • Direct inguinal hernia: इसमें आंत का लूप abdominal wall की transversalis fascia के कमजोर भाग में जाकर धंस (protrudes) जाता है। 


इनगुइनल हर्निया2. Umbilical hernia (अम्बिलिकल हर्निया): ये तब होता है जब आंत (intestine) का लूप, पेट की नाभि (belly botton) के पास की कमजोर मसल्स (muscles) में धंस जाता है जिससे नाभि (belly botton) के पास उभार (bulges) बन जाता है। आमतौर पर अम्बिलिकल हर्निया नवजात (newborn) और छोटे बच्चो (children) में होता है। 


3. Hiatal hernia (हाइटल हर्निया): Hiatal = Hiatus (हमारे डायाफ्राम का एक छेद/opening होता है जिससे होकर Esophagus और Vagus nerve गुजरती है)

हाइटल हर्नियाये तब होता है जब हमारे पेट (stomach) का ऊपरी हिस्सा डायाफ्रम के hiatus से गुजरकर हमारी छाती में उभार (bulges) बनता है।  
हाइटल हर्निया की वजह से गेस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लेक्स (Gestroesophageal reflux; GERD) की समस्या उत्पन्न होती है। गेस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लेक्स एक ऐसी समस्या है जिसमे पेट के अंदर का एसिड भोजन नली (Esophagus) में वापस आ जाता है, जिसके कारण Esophagus की अंदरूनी सतह में जलन होने लगती है।   

फेमोरल हर्निया

4. Femoral hernia (फेमोरल हर्निया): ये तब होता है जब कोई fatty tissue या आंत का लूप फेमोरल कैनाल (Femoral canal) में धंस(protrudes) जाता है। जिसके कारण Inguinal crease के नीचे उभार (Bulges) बन जाता है। 


5. Incisional hernia (इंसिजिनल हर्निया): इसे Ventral hernia या Postoperative hernia भी कहते है। यह किसी भी प्रकार की सर्जरी के घाव (Wound) का पूरी तरह से Healing न होने से होता है। जब कभी भी हमारे पेट पर दबाव पड़ता है तो आंत (intestine) या fatty tissue उस घाव को फिर से चिर देती है और वहा उभार बन जाता है।  

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# CAUSES & RISK FACTORS OF HERNIA (हर्निया के जोखिम कारक)

हर्निया के जोखिम कारक
  • मोटापा (Obesity)
  • भारी वजन उठाना (Heavy weight lifting)
  • मांसपेशियों का कमजोर हो जाना (muscle weakness)
  • जन्मजात दोष (Congenital defect)
  • लम्बे समय से खांसी (Chronic cough)
  • कब्ज (Constipation)
  • गर्भावस्था (Pregnancy)
  • सर्जरी (surgery) 
  • धूम्रपान (Smoking)
  • पारिवारिक इतिहास (Family history)

# SIGN & SYMPTOMS OF HERNIA (हर्निया के लक्षण)

  • शरीर के जिस भाग में हर्निया हुआ है वहा Bulges (उभार) दिखाई देना। 
  • भारी वजन उठाने पर दर्द महसूस होना। 
  • Tenderness ; उभार वाली जगह को छूने से दर्द महसूस होना। 
  • Hiatal hernia की स्तिथि में सीने में दर्द व जलन, उल्टी, और पेट से गले तक एसिड आने के कारण गले में खट्टा स्वाद महसूस होना। 


#  ASSESSMENT/ DIAGNOSIS OF HERNIA (हर्निया का परिक्षण)

  • Physical examination (शारीरिक परिक्षण): इसमें डॉक्टर या नर्स रोगी के शरीर पर Abdominal और Groin के पास किसी भी प्रकार के उभार (Bulges) की जांच करते है। ये उभार खड़े होने या खांसते-छींकते वक्त बड़ा (Larger) दिखाई देता है।
डॉक्टर या नर्स शरीर के अंदर का परिक्षण करने के लिए इन इमेजिंग टेस्ट (Imaging Test) का सहारा ले सकते है - 
  • Abdominal ultrasound (अब्डोमिनल अल्ट्रासाउंड): इसमें उच्च आवृति की ध्वनि तरंगो (High frequency sound wave) के माध्यम से शरीर के अंदर की तस्वीरें (pictures) ली जाती है।
  • C-T Scan (सी-टी स्कैन): यह एक प्रकार का X-RAY है, इससे भी शरीर के अंदर की तस्वीरें ली जाती है।  
  • MRI (एम आर आई): इसमें शक्तिशाली चुम्बकीय (Strong magnet) और रेडियो तरंगो (Radio wave) के माध्यम से शरीर के अंदर की तस्वीरें ली जाती है। 
डॉक्टर या नर्स द्वारा हाइटल हर्निया (Hiatal Hernia) होने की संभावना की स्तिथि में ये टेस्ट किये जाते है -
  • Gastrografin / Barium x-ray (गैस्ट्रोग्राफीन/बेरियम एक्स-रे): इस टेस्ट में रोगी को डायट्रीज़ोएट सोडियम (Diatrizoate Sodium or Gastrografin) और डायट्रीज़ोएट मेगलुमिन (Diatrizoate Meglumine) या लिक्विड बेरियम का सलूशन (Liquid Barium Solution) पीने को कहा जाता है जिसके बाद रोगी के शरीर के अंदर की तस्वीरें ली जाती है। 
  • Endoscopy (एंडोस्कोपी): इसमें रोगी के मुँह से पेट तक एक ट्यूब डाली जिसके आगे कैमरा लगा होता है। इसकी मदद से पेट के अंदर के छोटे-छोटे अंगो को कंप्यूटर स्क्रीन पर देखा जाता है। 


# MANAGEMENT OF HERNIA (हर्निया का उपचार)


1. PHARMACOLOGICAL MANAGEMENT: 

I. Antibiotics (एंटीबायोटिक्स)

एंटीबायोटिक्स किसी भी बैक्टीरियल इन्फेक्शन को फैलने से रोकती है। यह स्ट्रेनगुलेटेड हर्निया (Strangulated hernia) होने की स्तिथि में रोगी को दी जाती हैक्योंकि शरीर के जिस हिस्से में स्ट्रेनगुलेटेड हर्निया हुआ है वहा रक्त प्रवाह (Blood supply) रूक जाता है जिससे वह अंग मरने लगता है और वहा बैक्टीरिया का संक्रमण बढ़ सकता है। 
EXAMPLE OF ANTIBIOTICS:
  • Ampicilin
  • Gentamicin

II. Non Steroidal Anti-Inflammatory Drugs; NSAIDs (नॉन स्टेरॉइडल एंटी इंफ्लामेटरी ड्रग्स)

यह रोगी में सूजन (Swelling), दर्द (Pain) और बुखार (Fever) को कम करता है। 

EXAMPLE:  

  • Ibuprofen
  • Ketoprofen


III. H2 Receptor blocker 

ये गेस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लेक्स (Gestroesophageal reflux; GERD) के दौरान एसिड के रिफ्लक्स (Acid reflux) को रोकती है। इसलिए ये हाइटल हर्निया के दौरान रोगी को दी जाती है। 
EXAMPLE:
  • Famotidine
  • Ranitidine

IV. Protone Pump Inhibitors; PPI (प्रोटोने पम्प इन्हिबिटर्स)


ये भी पेट (Stomach) में गेस्ट्रोइसोफेगल रिफ्लेक्स (Gestroesophageal reflux; GERD) के दौरान एसिड के रिफ्लक्स (Acid reflux) को रोकती है। इसलिए ये हाइटल हर्निया के दौरान रोगी को दी जाती है। 

EXAMPLE:

  • Lansoprazole
  • Pantoprazole

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